January 11, 2026

सारंगढ़ में पत्रकारिता का महाकुंभ: प्रदेश स्तरीय कार्यशाला में उप मुख्यमंत्री अरुण साव का भव्य आगमन, लोक गायन से गूंजा मंच

सारंगढ़ में पत्रकारिता का महाकुंभ: प्रदेश स्तरीय कार्यशाला में उप मुख्यमंत्री अरुण साव का भव्य आगमन, लोक गायन से गूंजा मंच




सारंगढ़। छत्तीसगढ़ की पत्रकारिता और सांस्कृतिक चेतना का अद्भुत संगम उस समय देखने को मिला, जब प्रदेश स्तरीय पत्रकार कार्यशाला में राज्य के उप मुख्यमंत्री अरुण साव मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। उनके आगमन के साथ ही पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और वातावरण पूरी तरह उत्साह से भर गया।

कार्यशाला स्थल पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव का स्वागत छत्तीसगढ़ के पारंपरिक लोक गायन, नाचा-गम्मत और मांदर की थाप के साथ किया गया। लोक कलाकारों ने छत्तीसगढ़ी संस्कृति की जीवंत झलक प्रस्तुत कर कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया। “अरपा पैरी के धार” और “छत्तीसगढ़ महतारी” जैसे गीतों ने अतिथियों को भाव-विभोर कर दिया।

कार्यशाला में प्रदेशभर से आए सैकड़ों पत्रकारों, संपादकों और मीडिया प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि लोकतंत्र का चौथा स्तंभ मीडिया है, जो समाज को दिशा देने का कार्य करता है। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में पत्रकारों की जिम्मेदारी और भी बढ़ गई है, जहां सत्य, निष्पक्षता और जनहित सर्वोपरि होना चाहिए।

अरुण साव ने छत्तीसगढ़ की संस्कृति और लोक परंपराओं की सराहना करते हुए कहा कि लोक गायन हमारी पहचान है और इसे संरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने पत्रकारों से आग्रह किया कि वे विकास की योजनाओं, ग्रामीण समस्याओं और जनकल्याणकारी नीतियों को जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाएं।

कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकारों ने भी अपने विचार रखे और नई पीढ़ी के पत्रकारों को नैतिक पत्रकारिता, खोजी रिपोर्टिंग और जिम्मेदार लेखन के गुर सिखाए। मंच से यह संदेश दिया गया कि पत्रकारिता केवल खबर बनाना नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करना भी है।

कार्यशाला के दौरान संवाद, प्रशिक्षण सत्र और कवि सम्मेलन ने माहौल को और भी जीवंत बना दिया। कुल मिलाकर सारंगढ़ की यह प्रदेश स्तरीय कार्यशाला पत्रकारिता, संस्कृति और सामाजिक चेतना का एक ऐतिहासिक संगम बन गई, जो लंबे समय तक याद किया जाएगा।